भुवनेश्वर , फरवरी 07 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि राज्य ने वामपंथी उग्रवाद के खात्मे और नक्सल-मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि खुफिया आधारित सतत अभियानों और सुरक्षा बलों की समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप रायगढ़ा जिले के बीजीएन डिवीजन और कंधमाल जिले के केकेबीएन डिवीजन के 19 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में दो राज्य समिति सदस्य निखिल उर्फ निरंजन राउत और अंकिता उर्फ रश्मिता लेंका भी शामिल हैं, जिन पर कुल 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

अभियान के दौरान 14 अत्याधुनिक और घातक हथियार, जिनमें एके-47 राइफल और एसएलआर शामिल हैं, बरामद किए गए। इसे अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और सशक्त भारत के दृष्टिकोण तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद के प्रति केंद्र सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और राज्यों को निरंतर सहयोग ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया है।

श्री माझी ने दोहराया कि राज्य सरकार 31 मार्च तक ओडिशा को पूर्णतः माओवादी मुक्त बनाने के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने सरकार के मानवीय और समावेशी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि सुदृढ़ पुनर्वास और पुनर्स्थापन नीति के तहत हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को संस्थागत सहयोग, कानूनी संरक्षण और सम्मानजनक जीवन का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

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