भुवनेश्वर , मार्च 09 -- डिशा के संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा है कि 'विकसित ओडिशा-2036' की परिकल्पना को साकार करने में अनिवासी ओड़िया लोगों की भागीदारी और योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
ओड़िया प्रवासियों के साथ जुड़ने और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सीमा पार बढ़ावा देने के लिए रविवार को कोलकाता में पहली बार आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव 'ओडिशा उत्सव' को संबोधित करते हुए श्री सूरज ने कहा कि अनिवासी ओड़िया देश-विदेश में ओडिशा की समृद्ध कला, साहित्य, विरासत एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने और उन्हें लोकप्रिय बनाने में सहायक रहे हैं।
श्री सूरज ने इस बात पर जोर दिया कि ओड़िया प्रवासियों को राज्य का सांस्कृतिक राजदूत माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा से बाहर कई ओड़िया भाषी लोग रहते हैं, फिर भी मातृभूमि से उनके भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंध अटूट और गहरे हैं।
उन्होंने कहा कि ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के तहत काम कर रहा 'ओडिशा परिवार निदेशालय' राज्य के बाहर रहने वाले ओड़िया लोगों को सहायता और सहयोग देने के लिए काम कर रहा है।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार ओड़िया प्रवासी समुदाय के कल्याण और विकास के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के दौरान श्री सूरज ने प्रवासी समुदाय के कई प्रतिष्ठित ओड़िया लेखकों के साथ-साथ राज्य के बाहर रह रहे ओड़िया समुदाय के सदस्यों को सम्मानित किया।
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