अमलापुरम , जनवरी 9 -- आंध्र प्रदेश में कोनसीमा जिले के मालिकीपुरम मंडल के इरुसुमंदा गांव में प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की ड्रिलिंग साइट पर पिछले पांच दिनों से तेल गैस का अनियंत्रित रिसाव जारी है और आग अब भी निकल रही है।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को हेलिकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण कर धमाके वाली जगह का जायजा लिया और जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वे उन किसानों को मुआवजा दें, जिनके नारियल के पेड़ आग से नष्ट हो गये थे।

इसके साथ ही, उन्होंने ओएनजीसी अधिकारियों और जिला कलेक्टर के साथ स्थिति की समीक्षा की और आग को बुझाने और कुएं को बंद करने के लिए चल रहे अभियान की जानकारी ली। यह रिसाव 5 जनवरी को शुरू हुआ था और तब से कुएं से लगातार आग की लपटें निकल रही हैं।

ओएनजीसी अधिकारियों ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया है, लेकिन रिसाव अब भी जारी है और कुएं से लपटें निकल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, ओएनजीसी के कर्मचारियों ने ड्रिलिंग साइट से 300 टन से अधिक वजन वाली जली हुई मशीनरी हटा दी है और अभी कुछ और भारी मशीनरी को हटाया जाना बाकी है।

ओएनजीसी अधिकारियों ने कहा, "कुएं में अब तक 3 लाख क्यूबिक मीटर गैस जल चुका है। ओएनजीसी टेक्नोलॉजीज के फील्ड सेवाओं के निदेशक विक्रम सक्सेना और एमसीएमटी के अध्यक्ष श्रीहरि आग को बुझाने के अभियानों की निगरानी कर रहे हैं।

अधिकारी पास के सिंचाई नहर से पानी खींच रहे हैं, ताकि आग पर नियंत्रण पाया जा सके। ओएनजीसी अधिकारियों ने आग पर पानी डालने के लिए 5000 जीपीएम क्षमता का पंप सेट लगाया है और कुएं तक जाने के लिए एक सड़क का निर्माण किया है, ताकि 'संकट प्रबंधन दल' (सीएमटी) के कर्मचारी उस कुएं तक पहुंच सकें।

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