कांकेर, जनवरी 03 -- छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़ेतेवड़ा के आश्रित ग्राम सोडेपारा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण सामाजिक घटनाक्रम देखने को मिला। यहां छह परिवारों ने सार्वजनिक रूप से अपने मूलधर्म में वापसी की।
यह कार्यक्रम ग्राम की शीतला मंदिर परिसर में ग्राम पटेल गायता की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस दौरान ग्रामीणों की मौजूदगी में परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार इन परिवारों ने अपना मूलधर्म (हिन्दू धर्म) स्वीकार किया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ग्राम बड़ेतेवड़ा में धर्मांतरण को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। एक धर्मांतरित व्यक्ति के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर कफन-दफन और परंपरागत रीति से दाह संस्कार के बीच विवाद खड़ा हो गया था। यह विवाद धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा, जिससे गांव का माहौल बिगड़ गया और क्षेत्र में तनाव फैल गया था। प्रशासन को भी स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा था।
ग्रामीणों के अनुसार, हालिया घटनाक्रम के बाद गांव में शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखने के प्रयास तेज हुए। इसी क्रम में सोडेपारा के छह परिवारों ने आपसी सहमति और ग्राम समाज की मौजूदगी में मूलधर्म में लौटने का निर्णय लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने इसे सामाजिक सौहार्द की दिशा में सकारात्मक कदम बताया और भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने का संकल्प लिया।
ग्राम पटेल गायता ने कहा कि गांव की एकता और भाईचारा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी संवाद और समझदारी बनाए रखने की अपील की। ग्रामीणों का कहना है कि इस पहल से गांव में व्याप्त तनाव कम हुआ है और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद जगी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित