मुंबई , नवंबर 04 -- सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया और उसका एकल शुद्ध मुनाफा 9.97 प्रतिशत बढ़कर 20,160 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

बैंक ने मंगलवार को निदेशक मंडल की बैठक के बाद वित्तीय परिणामों की घोषणा की। उसने बताया कि दूसरी तिमाही में ब्याज से प्राप्त आय 5.08 प्रतिशत बढ़कर 1,19,654 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी, वहीं, ब्याज के मद में खर्च की गयी राशि 6.12 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 76,670 करोड़ रुपये रही। इस प्रकार ब्याज से प्राप्त उसकी शुद्ध आमदनी 42,984 करोड़ रही जो 3.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

बैंक का गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) के अनुपात में सुधार हुआ है। गत 30 सितंबर को उसका सकल एनपीए 1.73 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले 2.13 प्रतिशत था। इसी प्रकार शुद्ध एनपीए 0.53 प्रतिशत से घटकर 0.42 प्रतिशत पर आ गया। बैंक ने एनपीए के मद में 4,132 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

बैंक का चालू खाता-बचत खाता (कासा) अनुपात एक साल में 40.03 प्रतिशत से घटकर 39.63 प्रतिशत रह गया। बैंक के पास जमा कुल राशि सालाना 9.27 प्रतिशत बढ़ी, जबकि चालू खातों-बचत खातों में जमा राशि 8.06 फीसदी बढ़ी। पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) दूसरी तिमाही के अंत में 14.62 प्रतिशत रहा।

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