अमृतसर , जनवरी 21 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और गुरुओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
शिरोमणि कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त से मिलने आये प्रतिनिधिमंडल में कनिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कल्याण, अंतरिम सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर, हरियाणा सिख मिशन के प्रभारी सुखविंदर सिंह और दिल्ली सिख मिशन के प्रभारी मनवीत सिंह शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को एक याचिका सौंपी, जिसमें कहा गया कि छह जनवरी को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने विधानसभा में गुरुओं के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सिखों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा। उनके द्वारा प्रयुक्त शब्द विधानसभा की कार्यवाही में भी दर्ज हैं। पत्र में कहा गया है कि सिख गुरुओं की शिक्षायें संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। सिख समुदाय ने गुरुओं के सिद्धांतों के अनुसार जाति, धर्म, नस्ल और भेद-भाव से ऊपर उठकर भाईचारे की बात की है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की नेता द्वारा गुरुओं के विरुद्ध की गई टिप्पणियों से विश्वभर में रहने वाले सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ये टिप्पणियां उन्होंने जानबूझकर की हैं, जो सिखों के प्रति उनकी मानसिकता को दर्शाती हैं।
पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा गया कि ऐसे समय में जब भारत समेत पूरी दुनिया में गुरु तेग बहादुर की शहादत शताब्दी मनाई जा रही है और उनके बलिदान को याद किया जा रहा है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि गुरुओं के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग करें।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मांग की कि आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए मामला दर्ज किया जाये, ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक नेता ऐसा कोई कदम न उठाये, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों।
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