चंडीगढ़ , जनवरी 02 -- पंजाब आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शुक्रवार को कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के गंभीर और बेहद संवेदनशील मुद्दे पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) आरोपियों को बचाने और इंसाफ को भटकाने की कोशिश कर रही है।

श्री पन्नू ने कहा कि जहां एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी दावा कर रहे हैं कि यह कार्रवाई 'सिख मामलों में दखलअंदाजी' है, वहीं समूचे सिख जानते हैं कि यह मामला एसआईटी के पास सिर्फ इसकी गंभीरता और एसजीपीसी की ओर से ईमानदारी एवं पारदर्शिता से कार्रवाई करने में असफल रहने के कारण पहुंचा है।

उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी थी और मामले का निपटारा करते हुए उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिये थे कि जांच सरकार द्वारा करायी जाये। अदालत के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गयी, काबिल अधिकारियों की भागीदारी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया और अब पहली गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी सतिंदर सिंह कोहली (एस.एस. कोहली) एक चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जिसने न सिर्फ एसजीपीसी के लिए काम किया है, बल्कि वह बादल परिवार का सीए भी रहा है और उनके कारोबारों को संभालता रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ यही तथ्य कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

वित्तीय अनियमितताओं के बारे में श्री पन्नू ने पूर्व अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा जारी स्पष्टीकरण का हवाला दिया, जिन्होंने कहा था कि उन्होंने आदेश दिया था कि एस.एस. कोहली से जुड़ी फर्म को दिये गये पैसों का 75 प्रतिशत हिस्सा वसूल किया जाये और वापस जमा कराया जाये। श्री पन्नू ने इशारा किया कि आज तक वह पैसा एसजीपीसी के खाते में वापस जमा नहीं हुआ है। जबकि वह दावा कर रही है कि उसने मामला सिख गुरुद्वारा जुडिशियल कमीशन के पास ले जाया है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने अपना टीवी चैनल इसलिए लॉन्च नहीं किया क्योंकि बादल परिवार के स्वामित्व वाले एक निजी चैनल पर लाइव टेलीकास्ट जारी है। इसकी बजाय, एसजीपीसी ने सिर्फ एक यूट्यूब चैनल बनाया और उस पर 'एसजीपीसी' लिख दिया, जबकि जत्थेदार के एक 'फ्री-टू-एयर' सेटेलाइट चैनल लॉन्च करने के स्पष्ट निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया, ताकि गुरबाणी के ऑडियो और वीडियो को सभी चैनलों द्वारा मुफ्त में प्रसारित किया जा सके और किसी का एकाधिकार न रहे।

श्री पन्नू ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए ईशर सिंह रिपोर्ट के आधार पर तैयार किये गये प्रस्ताव को, जिसमें दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गयी थी, जानबूझकर एक और प्रस्ताव पास करके रद्द कर दिया गया था कि कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसमें एस.एस. कोहली का नाम शामिल था। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को क्यों बचाया जा रहा है? वह कौन से राज जानता है? किन होटलों में क्या-क्या हुआ, क्या प्रबंध किये गये, आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

उन्होंने एसजीपीसी अध्यक्ष से एसआईटी को पूरा सहयोग देने की अपील की, जिसने एक आरोपी को गिरफ्तार करके पहले ही बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को सहयोग करना चाहिए ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों के बारे में सच्चाई सामने आ सके कि वे कहां हैं और कौन जिम्मेदार है।

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