जयपुर , जनवरी 05 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि मंचों से 'राष्ट्रीय एकता' और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का असली चेहरा जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल की एक बालिका के इलाज में देरी की घटना से उजागर हो गया है।
श्री गहलोत ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि जयपुर में करंट से झुलसी मध्यप्रदेश की रहने वाली बालिका को एसएमएस अस्पताल में केवल इसलिए घंटों इलाज नहीं मिला, क्योंकि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं था, यह अमानवीयता की पराकाष्ठा है। क्या इलाज की आवश्यकता में भी राज्य देखा जाएगा। उन्हाेंने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने 'मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना' इसीलिए लागू की थी, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना में घायल व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राज्य का निवासी हो, बिना किसी कार्ड या पैसे के 72 घंटे तक पूर्णतः निःशुल्क आपातकालीन इलाज मिल सके।
उन्होंने कहा, " हमारा स्पष्ट मत था कि 'गोल्डन ऑवर' में डॉक्टर की प्राथमिकता मरीज की जान बचानी होनी चाहिए, न कि कागज जांचना। बेहद दुखद है कि मौजूदा भाजपा सरकार ने इन जनहितैषी योजनाओं को कमजोर कर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पुनः कार्ड और शर्तों का मोहताज बना दिया है।"श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले को नज़ीर बनाकर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि इमरजेंसी में किसी का भी इलाज कागजों की कमी से न रुके, एवं मरीज की जान बचाना पहला लक्ष्य हो।
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