चेन्नई , अप्रैल 14 -- एसआरएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (एसआरएमएमसीएचआरसी) ने उपनगरीय कट्टनकुलथुर स्थित अपने परिसर में एक आनुवंशिक क्लिीनिक का उद्घाटन किया है।

इस आनुवंशिक क्लिीनिक की स्थापना आनुवंशिक मूल्यांकन और परामर्श के लिये एक व्यवस्थित नैदानिक रूपरेखा प्रदान करने के लिये की गई है।

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इसकी मुख्य सेवाओं में फेनोटाइप-आधारित नैदानिक मूल्यांकन, उचित आनुवंशिक परीक्षण का चुनाव, नैदानिक परिणामों की व्याख्या और परीक्षण से पहले तथा बाद में व्यापक आनुवंशिक परामर्श शामिल हैं।

इस क्लिीनिक की वजह से अब अस्पताल के अंदर ही मरीज की सहज और एकीकृत देखभाल संभव हो गयी है। नैदानिक मूल्यांकन, परामर्श और सूचित सहमति प्राप्त करने के बाद रोगी के नमूनों को गुणसूत्र विश्लेषण डी.एन.ए. परीक्षण और जीन अनुक्रमण के लिये उन्नत जीवन विज्ञान के डी.बी.टी. प्लेटफॉर्म के माध्यम से संसाधित किया जाता है। इसके बाद परिणामों को व्याख्या और रोगी के मार्गदर्शन के लिये वापस क्लिनिक भेजा जाता है, जिससे बाहरी प्रयोगशालाओं में जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

यह क्लिनिक एक बहु-विषयक टीम द्वारा समर्थित है जिसमें एक मुख्य वैज्ञानिक और प्रशिक्षित आनुवंशिक परामर्शदाता शामिल हैं, जो वैज्ञानिक सटीकता और रोगी-केंद्रित संवाद दोनों सुनिश्चित करते हैं।

यह क्लिीनिक एसआरएम विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एसआरएमआईएसटी) के स्कूल ऑफ बायोइंजीनियरिंग के समन्वय में कार्य करता है और उन्नत जीवन विज्ञान के डी.बी.टी. प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आधुनिक नैदानिक बुनियादी ढांचे का उपयोग करता है। यह सहयोग एसआरएमएमसीएचआरसी के भीतर उचित नैदानिक देखरेख बनाए रखते हुए, नैदानिक विशेषज्ञता के साथ उच्च-स्तरीय आनुवंशिक परीक्षण क्षमताओं के एकीकरण को सुनिश्चित करता है।

मूल्यांकन, परीक्षण और व्याख्या को एक ही छत के नीचे लाने की वजह से अब इस क्लिीनिक से प्रतीक्षा समय कम होने, लागत घटने और रोगियों पर वित्तीय, भावनात्मक एवं आवागमन के बोझ को कम करने की उम्मीद की जाती है। यह बाहरी प्रयोगशालाओं पर निर्भरता को भी कम करता है, जो पारंपरिक रूप से देरी और बढ़ते खर्चों का कारण रही हैं।

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