तिरुवनंतपुरम , फरवरी 07 -- केरल में सबरीमामला मंदिर के सोने की चोरी मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के संयोजक और कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश से शनिवार को पूछताछ की।
सांसद प्रकाश मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ उनके कथित संपर्क के बारे में नोटिस मिलने के बाद तिरुवनंतपुरम में अपराध शाखा कार्यालय में पेश हुए।
एसआईटी का यह कदम मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारी के बाद आया है, जिसमें बताया गया है कि प्रकाश के उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ संबंध थे, जो मंदिर की गायब सोने की चीज़ों की चल रही जांच में गिरफ्तार एक अहम व्यक्ति हैं। यह जांच सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर के सोने की परत चढ़े हिस्सों में कथित गड़बड़ियों और छेड़छाड़ से जुड़ी है।
सांसद प्रकाश ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए माना कि वह कई मौकों पर पोट्टी से मिले थे। उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत सिर्फ़ सोशल और चुनाव क्षेत्र से जुड़े मौकों तक ही सीमित थी - जिसमें 2019 में सबरीमाला में अन्नदानम (सामुदायिक भोज) के न्योते में शामिल होना और पोट्टी के पिता की मौत के बाद उनके घर जाना शामिल है।
उन्होंने दूसरे स्थानीय नेताओं के साथ वेंजारामूडू में पोट्टी की बहन के घर एक औपचारिक मुलाकात में शामिल होने को भी याद किया। प्रकाश ने कहा कि उन्हें उस समय सोने के मामले में पोट्टी के कथित पृष्ठभूमि या शामिल होने के बारे में पता नहीं था।
प्रकाश ने किसी भी गहरी संलिप्तता की बातों को खारिज करते हुए कहा कि पोट्टी के साथ उनकी बैठक एक नियमित बैठक थीं और उनके और मंदिर के सोने की कथित चोरी या तस्करी के बीच "कोई संबंध" नहीं था। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह विवाद राज्य में राजनीतिक माहौल के बीच उभरा।
केरल उच्च न्यायालय के आदेश पर और न्यायपालिका और प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में एसआईटी की अगुवाई में सबरीमाला सोने की जांच में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में देरी के कारण कुछ आरोपियों को कानूनी ज़मानत मिल चुकी है। विपक्षी पार्टियों ने भी इसकी आलोचना की है, साथ ही जवाबदेही तय करने और गायब हुए सोने का पता लगाने के लिए जांच की मांग की है।
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