भोपाल , नवम्बर 19 -- चुनाव आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन की धीमी प्रगति पर एक बार फिर भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जिलों के कलेक्टरों को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग की निदेशक शुभ्रा सक्सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली बैठक से पहले सुधार नहीं होने पर संबंधित कलेक्टरों और उनके अधीनस्थ अमले पर कार्रवाई तय है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सक्सेना ने इन जिलों में एसआईआई डिजिटाइजेशन की बेहद कम प्रगति को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों वाले जिलों में डिजिटाइजेशन प्रतिशत अभी भी दस प्रतिशत से नीचे है, जो स्वीकार्य नहीं है।

उधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर भी इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बुधवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कलेक्टरों के साथ पुनः संवाद कर लंबित गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।

इसी बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जैसे छोटे जिलों ने पिछली नाराजगी के बाद अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, लेकिन बड़े जिलों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

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