भोपाल , अक्टूबर 29 -- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा एसआईआर प्रक्रिया पर दिए गए बयान को भ्रामक और आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल जिस तरह से एसआईआर का विरोध कर रहे हैं, वह "चोर की दाढ़ी में तिनका" वाली कहावत को सही साबित करता है।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया लोकतंत्र की पवित्रता को बनाए रखने और फर्जी मतदाताओं की पहचान के लिए की जा रही है, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन इसके विरोध में केवल अपने वोट बैंक की राजनीति बचाने के लिए उतर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही दल हैं जो उन राज्यों में भी इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, जहाँ अवैध घुसपैठ के माध्यम से देश की जनसांख्यिकी बदलने का प्रयास हो रहा है।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया वैधानिक और पारदर्शी है। बिहार में यह कार्य सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया और उसमें कोई त्रुटि नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि बिहार की तरह अब जब देश के 12 राज्यों में एसआईआर शुरू की जा रही है, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी बौखलाहट में हैं। उन्हें डर है कि इस प्रक्रिया से फर्जी और काल्पनिक मतदाता हट जाएंगे, जिनके आधार पर वे वर्षों से वोट बैंक की राजनीति करते आ रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि चुनावी साजिश का आरोप लगाने वाली कांग्रेस स्वयं इस प्रवृत्ति की जनक रही है। उन्होंने कहा कि "पंडित नेहरू के समय कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को हराने के लिए हर संभव हथकंडे अपनाए, इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा, और आज वही कांग्रेस ईवीएम व एसआईआर को लेकर देश को भ्रमित कर रही है।"उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय में अब तक एक भी ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि एसआईआर प्रक्रिया दोषपूर्ण है, लेकिन सड़कों पर शोर मचा कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज की बात केवल राजनीति के लिए करती है। वास्तव में इन वर्गों के उत्थान के लिए उसने कभी कोई ठोस प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास" के मंत्र पर काम कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित