बहरामपुर , दिसंबर 4 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्रीऔर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आज कहा कि उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन थोपकर सत्ता हथियाने की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चाल को विफल करने के लिए चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अनुमति दी है।
सुश्री बनर्जी ने कहा, "अगर हमने पश्चिम बंगाल में एसआईआर की अनुमति नहीं दी होती, तो केंद्र के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने के हालात पैदा हो सकते थे और और यह चाल अमित शाह की थी।" वह बंगलादेश से सटे राज्य के अल्पसंख्यक बहुल सीमावर्ती ज़िले मुर्शिदाबाद के बहरामपुर स्टेडियम में एक रैली को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा, "यह श्री शाह की चाल थी, लेकिन वह हताश हो चुके हैं और किसी को जनता की संपत्ति और अधिकारों को छीनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"उन्होंने कहा, "श्री शाह किसी भी कीमत पर बंगाल पर कब्ज़ा करना चाहते हैं। लेकिन भाजपा को याद रखना चाहिए कि बंगाल में एसआईआर की वजह से आपने अपनी कब्र खुद खोद ली है। बंगाल और बिहार एक जैसे नहीं हैं। बंगाल को उस तरह नहीं जीता जा सकता, जैसे आपने बिहार में जीत हासिल की। आप चालाकी और छल से बंगाल नहीं जीत सकते।"मुख्यमंत्री ने कहा, "आप हमें हरा नहीं सकते, मार नहीं सकते; हम अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे और अंततः जीत हासिल करेंगे।"मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी में पश्चिम बंगाल के चुनाव की तारीखें घोषित की जाएंगी, इस वजह से इससे तीन महीने पहले वह एसआईआर करा रहे हैं।
उन्होंने जनता कहा कि वे एसआईआर से न डरें औऱ उन्हें सुझाव दिया कि अपने कागजात तैयार रखें। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को अनुमति नहीं दी जाएगी। तृणमूल प्रमुख ने लोगों को एसआईआर प्रक्रिया से न घबराने का आश्वासन देते हुए कहा, "अगर एनआरसी को रोकने के लिए बलिदान देना पड़े, तो मैं तैयार हूं, भले ही इसके लिए मेरा गला काट दिया जाए।"उन्होंने कहा कि एसआईआर से संबंधित प्रश्नों की सुनवाई के दौरान तृणमूल शिविर लगाएगी और लोगों से आग्रह किया कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और शिविरों में आएं।
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