लखनऊ , जनवरी 08 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पहले दिन से जिस प्रक्रिया को एसआईआर बता रही है, वह वास्तव में एनआरसी जैसी है। जो काम गृह मंत्रालय को करना था, वही अब चुनाव आयोग से कराया जा रहा है।

गुरुवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों की नागरिकता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी थी कि इस प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी मतदाता का वोट न कटे, लेकिन वास्तविकता यह है कि एसआईआर का इस्तेमाल वोट काटने के हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में चुनाव आयोग काम कर रहा है और जानबूझकर अधिक से अधिक वोट कटवाए जा रहे हैं।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जब मुख्यमंत्री स्वयं यह कह रहे हैं कि चार करोड़ वोट कट गए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि उन्हें पहले से यह जानकारी कैसे थी। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की जो सूची सामने आई है, उसमें लगभग तीन करोड़ वोट काटे जा चुके हैं। इसका मतलब साफ है कि एक करोड़ वोट भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा बढ़ाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि ये वोट किसके हैं और किन आधारों पर जोड़े गए।

अखिलेश यादव ने कहा कि अब एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हो चुकी है और जल्द ही यह बूथ स्तर तक पहुंचेगी। उन्होंने प्रदेश की जनता और सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जांचें और यदि नाम कट गया हो तो तुरंत वोट बनवाएं। उन्होंने भाजपा के "झूठे और भ्रम फैलाने वाले नैरेटिव" से सावधान रहने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि एसआईआर के कारण देश के कई राज्यों में जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा है। बिहार में लोगों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा। उत्तर प्रदेश में स्थिति यह है कि अब खुद भाजपा इस प्रक्रिया से घबराई हुई है। भाजपा के मंत्री और नेता जिलों में जाकर वोट बढ़ाने के निर्देश दे रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के बूथों पर बड़ी संख्या में फर्जी वोट कटने से पार्टी के नेता बेचैन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा नकली या फर्जी वोट बनवाने की कोशिश करेगी तो समाजवादी पार्टी के पीडीए बूथ प्रहरी पूरी तरह सतर्क हैं और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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