जयपुर , नवंबर 19 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सरकार से मिलीभगत से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसे लेकर देश में जो स्थिति बनी है, यह चुनाव आयोग की बेवकूफी से बनी है।

श्री गहलोत ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में एसआईआर को लेकर किए गए सवाल पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह तो एक बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है और सबसे ज्यादा इसमें निर्वाचन आयोग की गलती है। अगर देश के तमाम राजनीतिक दलों को बुलाकर बात करते कि हमारी मंशा यह है कि जो इलेक्टोरल लिस्ट बने वो बिल्कुल ट्रांसपेरेंट हो, उसमें कोई फर्जी नाम नहीं हो और असली नाम नहीं छूटे,अगर ये उनकी मंशा वास्तव में होती, तो फिर वो सबको विश्वास में लेते।

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि यह हमारे पास रिपोर्ट आई है, एक लाख दो सौ पचास वोट फर्जी जुड़ गए हैं, यह तब से शुरुआत हुई। श्री राहुल गांधी ने इतनी मेहनत की है, दो तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि किस प्रकार से यह फर्जी वोट जुड़ रहे हैं, असली वोट कट रहे हैं, तो चुनाव आयोग की ड्यूटी क्या थी कि वह जाचं कर स्थिति स्पष्ट करते लेकिन उनकी नीयत शुरू से ही खराब है, वो बीजेपी और सरकार से मिलीभगत से जानबूझकर कंट्रोवर्सी पैदा कर रहे हैं।

श्री गहलोत ने कहा कि देश में अब ऐसा माहौल बना दिया गया कि चुनाव आयोग पर ही लोगों को संदेह होने लग गया है, तो बीएलए और बीएलओ जो काम कर रहे हैं इनको तकलीफ आ रही है, यह समस्या पूरे मुल्क में रहेगी जहां 12 राज्यों में एसआईआर हो रहा है। सब जगह से रिपोर्ट आ रही है, अब एक आत्महत्या हो गई , और सोशल मीडिया में आ रहा है। बंगाल के 20 लोग मर गए, ये खबरें आ रही है। देश में यह स्थिति क्यों बनी। यह चुनाव आयोग की बेवकूफी से बनी है, यह कहने में हमें संकोच नहीं होना चाहिए।

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