पटना, जनवरी 16 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना ने शुक्रवार को साइबर हाइजीन, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल पर्सनल डेटा संरक्षण विषय पर पहला व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों, छात्रों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, डेटा गवर्नेंस तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 एवं डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) अधिनियम, 2023 के अंतर्गत अनुपालन के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा अभिलेखों एवं स्वास्थ्य सेवाओं के तीव्र डिजिटलीकरण के परिप्रेक्ष्य में साइबर जागरूकता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक अनूप कुमार, डीन (शैक्षणिक) प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी एवं उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल सहित संस्थान के संकाय सदस्य, छात्र, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
चिकित्सा अधीक्षक अनूप कुमार, डीन (शैक्षणिक) प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी एवं उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल ने रोगियों के डेटा की सुरक्षा तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिये साइबर सुरक्षा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है तथा साइबर खतरों से बचाव, रोगी गोपनीयता की रक्षा एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बनाए रखने के लिए साइबर हाइजीन का सख्ती से पालन आवश्यक है।
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