पटना , फरवरी 21 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना ने हाल ही में अपनी पहली बैरियाट्रिक (वजन घटाने की) सर्जरी सफलतापूर्वक कर एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि दर्ज की है।
इस सफलता के साथ ही अब बिहार और आसपास के राज्यों के गंभीर मोटापे से जूझ रहे मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों का रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
हाल ही में 24 वर्षीय एक महिला जिनका वजन 110 किलोग्राम से अधिक और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 42 से ऊपर था, उनका सफल ऑपरेशन किया गया। वह लंबे समय से पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज), हार्मोनल असंतुलन और बांझपन जैसी समस्याओं से परेशान थीं। चिकित्सकों के अनुसार सर्जरी के बाद उनके वजन में नियंत्रित कमी आएगी, हार्मोन संतुलन में सुधार होगा और भविष्य में मातृत्व की उम्मीद भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार गंभीर मोटापा केवल शरीर में चर्बी बढ़ने तक की ही सीमित समस्या नहीं है। यह कई जानलेवा और दीर्घकालिक बीमारियों की जड़ भी बन सकता है। मोटापे के कारण टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर, जोड़ों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, स्लीप एपनिया तथा अवसाद जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं। कई मामलों में यह जीवन प्रत्याशा को भी प्रभावित करता है। इसलिए समय रहते वैज्ञानिक उपचार अत्यंत आवश्यक है।
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