ऋषिकेश, 01मार्च (वार्ता) उत्तराखंड में ऋषिकेश एम्स के एनाटॉमी विभाग ने रविवार को बॉडी पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें मेडिकल छात्रों ने मानव शरीर क्रिया विज्ञान को रंगों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टॉप तीन टीमों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों के लिए आयोजित इस 'लिविंग कैनवस' प्रतियोगिता का उद्देश्य शरीर रचना विज्ञान की जटिलताओं को रचनात्मक तरीके से समझाना था। प्रतियोगिता में 125 छात्रों को 25 समूहों में विभाजित किया गया। प्रत्येक समूह ने निर्धारित एनाटॉमिकल विषयों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत करते हुए विषय की गहराई और समझ का परिचय दिया। छात्रों ने हृदय, तंत्रिका तंत्र, मांसपेशियों और अन्य अंगों की संरचना को आकर्षक रंगों और डिजाइन के माध्यम से प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं छात्रों के बौद्धिक विकास और विषय की गहरी समझ को बढ़ावा देती हैं। डीन एकेडमिक्स प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने एनाटॉमी को मेडिकल शिक्षा की आधारशिला बताते हुए एक्टिव लर्निंग की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीओ ऋषिकेश नीरज सेमवाल तथा विशिष्ट अतिथि स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की नोडल अधिकारी डॉ. बिमलेश जोशी ने विजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर 'लीगल फ्रेमवर्क: लावारिस बॉडीज' विषय पर आयोजित गेस्ट लेक्चर में कानूनी प्रक्रियाओं, विभागीय समन्वय और नैतिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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