मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर , जनवरी 21 -- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला ने धान उपार्जन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य सरकार की कृषि नीतियों के तहत जिले में अब तक 7,45,649.20 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है, जो जिले का अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है।

जिला जनसंपर्क अधिकारी से बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक 15,861 किसानों ने इस वर्ष सरकारी खरीदी प्रणाली के माध्यम से अपनी फसल बेची है। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की समर्थन मूल्य दर पर भुगतान किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी का प्रावधान लागू किया गया था, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ हुआ।

इस व्यवस्था के तहत अब तक किसानों के बैंक खातों में 176.64 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भुगतान के रूप में पहुंचाई जा चुकी है। इस प्रत्यक्ष भुगतान प्रणाली ने किसानों की क्रय शक्ति को बढ़ाया है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति दी है।

धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए टोकन व्यवस्था, डिजिटल तौल, फोटो सत्यापन और रियल-टाइम डेटा एंट्री जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य बिना किसी कटौती के मिला।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन की सतत निगरानी में एमसीबी जिला धान खरीदी के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभरा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 जिले के किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का एक सफल वर्ष साबित हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित