विजयवाड़ा , फरवरी 14 -- आंध्र प्रदेश पुलिस ने 46,011 किलोग्राम गांजा ज़ब्त करके उसे वैज्ञानिक तरीके से जला दिया।

पिछले साल 1,12,406 किलोग्राम नारकोटिक को वैज्ञानिक तरीके से जलाकर खत्म किया गया था। यह जानकारी राज्य के राज्य का कानूनी प्रवर्तन के लिए उन्नत कार्रवाई समूह (ईएजीएलई-ईगल) की वार्षिक रिपोर्ट से मिली।

ईगल 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसी ने 46 टन से अधिक गांजा जब्त किया, 1,836 एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज) अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए और 72.44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को अमरावती स्थित एपी सचिवालय में इस वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया। उन्होंने ईगल टीम को उनकी उपलब्धियों और मादक पदार्थ विरोधी ढांचे में रणनीतिक बदलाव के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक पहचान बनाई है और मादक पदार्थ नियंत्रण के क्षेत्र में "सर्वोत्तम अभ्यास" राज्य के रूप में उभरा है।

रिपोर्ट में बताया गया कि अल्लूरी सीताराम राजू जिला में गांजा की खेती समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। उपग्रह और ड्रोन निगरानी के माध्यम से 760 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 770 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त, एनडीपीएस अधिनियम के तहत ऐहतियातन 96 लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

एजेंसी ने 1,12,406 किलोग्राम गांजा वैज्ञानिक विधि से नष्ट किया। साथ ही 94.77 एकड़ क्षेत्र में फैली गांजा फसल और 31,185 गांजा पौधों को भी समाप्त किया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि खुफिया जानकारी के आधार पर जमीनी अभियान चलाए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय जांच के माध्यम से 9.11 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज/जब्त की गई। शैक्षणिक संस्थानों में 40,000 से अधिक ईगल क्लब स्थापित किए गए और 35,000 से अधिक जागरूकता अभियान चलाकर 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई।

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