बारां , अप्रैल 22 -- राजस्थान में बारां जिले के शाहाबाद उपखंड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खटका में प्रधानाचार्य भगवान लाल शर्मा द्वारा एक साथ सात शिक्षकों को एपीओ किए जाने के मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग के दल ने आनन फानन में जांच शुरू की जिसमें प्राचार्य को दोषी करार दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी गेंदीलाल रेगर ने बुधवार को बताया कि उन्हें जांच रिपोर्ट मिल गई है, जिसमें प्राचार्य को दोषी ठहराया गया है। ऐसे में एपीओ किए गए सातों शिक्षकों को बहाल करते हुए उन्हें कार्य पर ले लिया गया है। जांच रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को उचित कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रधानाचार्य को शिक्षकों को सीधे एपीओ करने का अधिकार नहीं है।
उधर, जांच अधिकारी सीताराम गोयल ने कहा कि उक्त स्कूल का प्राचार्य गंगानगर से स्कूल संचालित करता था। शिक्षकों ने शिकायत करते हुए बताया है कि प्राचार्य लॉरेंस गिरोह के गुर्गों से जुड़े होने की धमकियां देता था, जिसके कारण वे डरते थे और कोई सूचना नहीं देते थे। जांच रिपोर्ट में प्राचार्य को पूरी तरह दोषी पाया गया हैं।
उल्लेखनीय है कि सभी शिक्षकों को एपीओ और स्कूल के छात्रों द्वारा स्कूल पर ताला जड़ कर प्रदर्शन किए जाने के बाद मामला सामने आया था।
जानकारी के अनुसार, प्रधानाचार्य भंवरलाल शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से स्कूल के सात शिक्षकों को एपीओ कर दिया। जिससे नाराज छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप था कि शिक्षकों के अभाव में उनका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित