वाराणसी , फरवरी 26 -- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ झूठा मामला उछालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित 'एपस्टीन फाइल्स' से ध्यान भटकाने की साजिश की जा रही है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को बदनाम करने का कोई अवसर नहीं छोड़ा जा रहा है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर यह सब क्यों किया जा रहा है और स्वयं ही उत्तर देते हुए कहा कि देश की जनता को 'शंकराचार्य विवाद' में उलझाकर दुनिया भर में चर्चा में रही 'एपस्टीन फाइल्स' से ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी कथित हिस्ट्रीशीटर द्वारा पुलिस जांच रिपोर्ट साझा किया जाना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें अपना प्रवक्ता बना दिया है।
मठ परिसर में 'शीशमहल' होने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यदि परिसर में शीशे लगे हैं तो इससे पारदर्शिता ही बढ़ती है और कोई भी अंदर की स्थिति देख सकता है। उन्होंने कहा कि मठ में कुछ भी छिपा नहीं है और यदि सरकार के अधिकारी देखना चाहें तो कभी भी आ सकते हैं।
प्रयागराज माघ मेले से जुड़े विवाद और एक उपमुख्यमंत्री पर धरने के लिए उकसाने के आरोपों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले उन्हें कभी समाजवादी पार्टी तो कभी बहुजन समाज पार्टी से जोड़ते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का नाम नहीं लेते। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में भाजपा के भीतर दो तरह की प्रवृत्तियां दिखाई दे रही हैं और उन पर आरोप लगाने वाले लोग 'बुलडोजर भाजपा' की सोच का हिस्सा हैं।
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