नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्र निर्माण तथा युवाओं के विकास में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि इसमें प्रशिक्षित आत्मविश्वासी और मूल्यों से प्रेरित कैडेट विकसित भारत की यात्रा की रीढ हैं। श्री राधाकृष्णन ने सोमवार को यहां एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और राष्ट्र निर्माण तथा युवाओं के विकास में संगठन के निरंतर योगदान की सराहना की।

कैडेटों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि एनसीसी स्थापना के 78 वें वर्ष में विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन चुका है और अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिकों के निर्माण के अपने मूल उद्देश्य को दृढ़ता से निभा रहा है। उन्होंने गणतंत्र दिवस शिविर को भारत के युवाओं में विश्वास और एक सशक्त व एकजुट राष्ट्र के निर्माण के सामूहिक संकल्प का सशक्त प्रतीक बताया।

एनसीसी के आदर्श वाक्य "एकता और अनुशासन" का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह संगठन आत्मविश्वासी और मूल्यों से प्रेरित युवाओं को गढ़ रहा है, जो विकसित भारत 2047 की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर आधारित है जिसे कुशल, अनुशासित और सेवा-भाव से प्रेरित युवा शक्ति आगे बढ़ाएगी, और इस दिशा में एनसीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेटों के अनुकरणीय योगदान का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 72,000 कैडेटों ने नागरिक सुरक्षा कार्यों के लिए स्वेच्छा से सेवा दी, जिससे संकट की घड़ी में राष्ट्र की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, साहस और तत्परता स्पष्ट होती है।

गणतंत्र दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है, जहां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कैडेट एक साथ रहकर प्रशिक्षण लेते हैं और राष्ट्रीय एकता की भावना को साकार करते हैं। उन्होंने साहसिक गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय युवा विनिमय कार्यक्रमों, पर्यावरणीय पहलों और आपदा राहत कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एनसीसी कैडेटों की सराहना की, जिसमें केरल के वायनाड में आई बाढ़ के दौरान उनकी सराहनीय सेवा भी शामिल है।

एनसीसी प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण और इसमें साइबर और ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत तथा रिमोट पायलट प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकी और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेंगे। उन्होंने युवाओं को गढ़ने और राष्ट्र के चरित्र को सुदृढ़ करने में एनसीसी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण की भी सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में भाग ले रहे सभी कैडेटों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे सेवा, अनुशासन और देशभक्ति के सर्वोच्च आदर्शों को बनाए रखने का आह्वान किया।

इससे पहले शिविर में आगमन पर उन्होंने एनसीसी कैडेटों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने 'हॉल ऑफ फेम' का दौरा किया और एनसीसी की विरासत, उपलब्धियों और विकास यात्रा के बारे में जानकारी ली। उपराष्ट्रपति ने युवा आपदा मित्र योजना और ड्रोन प्रशिक्षण जैसी पहलों को प्रदर्शित करने वाले प्रदर्शनी स्टॉलों का भी अवलोकन किया और आपदा तैयारी तथा उभरती तकनीकों को अपनाने के लिए संगठन के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद उन्होंने कैडेटों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा और उनसे संवाद करते हुए उनके अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना की प्रशंसा की।

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