नयी दिल्ली , अप्रैल 13 -- राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के सहयोग से कैडेटों को साइबर जागरूकता, डिजिटल स्वच्छता और व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है। एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी की उपस्थिति में सोमवार को एनसीसी और एनआईईएलआईटी के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

पहले चरण में 15 घंटे के ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। इसे डिजिटल साक्षरता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर स्वच्छता और साइबर खतरों के बारे में बुनियादी जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह चरण देश भर के सभी पंजीकृत एनसीसी कैडेटों के लिए खुला रहेगा और इसे एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया जाएगा।

दूसरें चरण में साइबर रक्षा कार्यक्रम होगा। यह 60 घंटे का ऑफ़लाइन गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसे योग्यता-आधारित स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित कैडेटों के लिए तैयार किया गया है। इस चरण में व्यावहारिक प्रशिक्षण, वास्तविक जीवन के सिमुलेशन और साइबर सुरक्षा उपकरणों और तकनीकों के व्यावहारिक अनुभव पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे कैडेट साइबर खतरों को प्रभावी ढंग से पहचानने और उनसे निपटने में सक्षम होंगे।

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