नयी दिल्ली , नवम्बर 15 -- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और राजस्थान पुलिस ने सरकार के मादक पदार्थों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' के दृष्टिकोण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान के सिरोही जिले के दूर दराज के एक गांव में गुप्त प्रयोगशाला का भंडाफोड़ कर सैकड़ों किलोग्राम रसायन ज़ब्त किए हैं जिनसे करीब 100 किलोग्राम मेफेड्रोन बनाई जा सकती है। एनसीबी ने शनिवार को बताया कि जब्त किये गये पदार्थों की बाजार में अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपये है। प्रयोगशाला के सूत्रधार और 4 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मेफेड्रोन का इस्तेमाल साइकोट्रोपिक ड्रग्स के तौर पर तेज़ी से बढ़ रहा है।

सरकार नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए 'ड्रग कार्टेल' के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है।

एनसीबी ने राजस्थान में विशेष रूप से जिला पुलिस को संवेदनशील बनाने के लिए मासिक जिला स्तरीय तंत्र का इस्तेमाल करते हुए कई बैठकें की हैं। इसके बाद राज्य पुलिस ने एनसीबी के स्थानीय कार्यालय को रसायनों और प्रयोगशाला उपकरणों से भरे ड्रम के बारे में जानकारी दी। एनसीबी ने देशभर की जिला पुलिस के साथ गुप्त प्रयोगशाला के बारे में जानकारी साझा की।

सिरोही पुलिस ने 6 नवम्बर को सिरोही के धनत्राई गांव में एक फार्म हाउस में प्रयोगशाला उपकरणों के साथ-साथ रसायनों से भरे ड्रम और पैकेट जब्त किए। वहां सैकड़ों किलोग्राम रसायन मिले जिनसे करीब 100 किलोग्राम मेफेड्रोन बनाई जा सकती थी और जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 40 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय गांधीनगर की टीम को निरीक्षण के लिए बुलाया गया।

मामले की जांच के दौरान प्रयाेगशाला चलाने वाले लोगों की पहचान की गई और उनमें से पांच को राजस्थान पुलिस की सहायता से एनसीबी जोधपुर ने राजस्थान और गुजरात के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह स्नातक है और सिविल सेवा परीक्षा सहित विभिन्न परीक्षाओं में असफल होने के बाद उसने जल्दी पैसा कमाने के लिए मेफेड्रोन बनाने का व्यवसाय शुरू कर दिया। उसने अपने सहयोगियों के साथ एक फार्म हाउस पट्टे पर लिया ड्रग बनाने की प्रक्रिया सीखने के लिए डार्कनेट का इस्तेमाल किया। उसने गुजरात के अंकलेश्वर से रसायन और लैब उपकरण हासिल किए। वह मेफेड्रोन तस्करी के एक मामले में भी वांछित था। रसायनों और उपकरणों के परिवहन में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया गया है। जाँच से यह भी पता चला है कि उन्होंने 8 किलो मेफेड्रोन बनाया था, जिसमें से 2 किलो जब्त कर लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

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