अहमदाबाद , जनवरी 02 -- अडानी समूह की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटायेगी।

एनसीडी में कंपनी किसी बैंक से पैसे लेने के बदले सीधे निवेशकों से पैसे उधार लेती है। इसकी अवधि पूर्व निर्धारित होती है। तब तक कंपनी निवेशकों को निश्चित ब्याज देती है और अवधि पूरी होने के बाद मूल राशि वापस करती है।

कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि इश्यू 06 जनवरी 2026 को खुलेगा और 19 जनवरी 2026 को बंद होगा। मूल इश्यू 500 करोड़ रुपये का है और 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त इश्यू का प्रावधान रखा गया है। आवंटन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगा। इसमें ब्याज की प्रभावी दर 8.90 प्रतिशत सालाना तक होगी।

एनसीडी 24 महीने, 36 महीने और 60 महीने की अवधि के होंगे। चौबीस महीने में वार्षिक या एकमुश्त ब्याज के विकल्प होंगे। वहीं, 36 महीने और 60 महीने की अवधि में तिमाही, वार्षिक या एकमुश्त ब्याज के विकल्प होंगे। हर विकल्प पर ब्याज की दर अलग-अलग होगी।

यह अडानी एंटरप्राइजेज का तीसरा एनसीडी है। इसे केयर रेटिंग्स ने 'केयर एए माइनस' रेटिंग दी है।

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