टिहरी , अप्रैल 25 -- उत्तराखंड के टिहरी गढवाल जिला कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी की अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अवैध नशे की रोकथाम, प्रभावी कार्रवाई और जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों को पोस्त एवं भांग की अवैध खेती के दुष्परिणामों और संबंधित दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी जाए। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।

बैठक में पुलिस और खुफिया तंत्र को संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानस हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार और मेडिकल स्टोरों के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया।

विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) विभाग के कपिल यादव ने बताया कि जिले में 44 जागरूकता गोष्ठियां आयोजित की गईं, जिनमें 652 छात्र-छात्राओं एवं लगभग 2500 स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अपर पुलिस अधीक्षक दीपक ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज दो मामलों की जानकारी दी, जबकि आबकारी विभाग ने चार मामलों में की गई कार्रवाई से अवगत कराया।

मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधि ने बताया कि जिले में 80 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, साथ ही टेली-परामर्श सेवाएं और 22 फार्मा को-थेरेपी से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

बैठक में गैर-सरकारी संगठन के प्रतिनिधि सुशील बहुगुणा ने जानकारी दी कि विवाह समारोहों में शराब परोसने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है तथा कॉकटेल मुक्त विवाह को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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