नागपुर , फरवरी 24 -- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने पहली बार अपनी कक्षा-8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायिक भ्रष्टाचार और अदालतों में बढ़ते मामलों पर अध्याय शुरू किया है।

पाठ्यपुस्तक में 'समाज में न्यायपालिका की भूमिका' टाइटल वाले नए अध्याय में न्यायिक प्रणाली के सामने आने वाली मुख्य चुनौतियों के बारे में बताया गया है, जिसमें अलग-अलग स्तर पर भ्रष्टाचार, जजों की कमी, मुश्किल कानूनी प्रक्रियाएं और बुनियादी ढ़ांचे की कमी के कारण मामलों का काफी लंबित होना शामिल है।

पाठ्यपुस्तक के पिछले संस्करण में स्वतंत्र न्यायपालिका की अवधारणा, अदालत की संरचना और न्याय तक पहुंच के बारे में बताया गया था लेकिन भ्रष्टाचार का जिक्र नहीं किया गया था। एनसीईआरटी ने सुनवाई में हालांकि देरी को नागरिकों के लिए समय पर न्याय में रुकावट के तौर पर बताया था। 'न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है' का जिक्र करते हुए पाठ्यपुस्तक अदालत में लंबित मामलों के अद्यतन आंकड़े देती है।

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