देहरादून , अप्रैल 04 -- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और उत्तराखंड के रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने शहरी परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए शनिवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू का आदान-प्रदान एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और आईआईटी रुड़की के रिसोर्स और एलुमनाई अफेयर्स के डीन प्रो. आरडी गर्ग की उपस्थिति में किया गया।

इस अवसर पर, श्री गोयल ने कहा कि शिक्षा जगत और उद्योग के बीच यह साझेदारी, आधुनिक गतिशीलता से जुड़ी जटिलताओं का समाधान करने के लिए दोनों क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक साथ लाएगी। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से मिलने वाले नवाचार और तकनीकी समाधान, प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित 'विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक होंगे। साथ ही इस क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को भी सुदृढ़ करेंगे।

आईआईटी के डायरेक्टर, प्रो. (डॉ.) कमल किशोर पंत ने कहा कि आईआईटी में हम ऐसे ट्रांसलेशनल रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान प्रदान करती है। एनसीआरटीसी के साथ यह भागीदारी अकादमिक शोध को राष्ट्र की इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी प्राथमिकताओं के साथ एकीकृत करने के लिए, विशेष रूप से सतत और कुशल शहरी गतिशीलता प्रणालियों के क्षेत्र में, एक मज़बूत मंच प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस भागीदारी के तहत, दोनों संगठन परस्पर हित की अनुसंधान परियोजनाओं पर साथ मिलकर काम करेंगे। इसमें शहरी परिवहन क्षेत्र के लिए व्यावहारिक और व्यापक स्तर पर क्रियान्वित करने योग्य समाधान विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि एनसीआरटीसी इस क्षेत्र से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को भी साझा कर सकता है जिन पर आईआईटी रुड़की के फैकल्टी और शोधकर्ताओं द्वारा अध्ययन किया जाएगा। इससे परिवहन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अंतर्गत, आईआईटी में विकसित नवाचारों के संभावित हस्तांतरण और तकनीकों के प्रदर्शन के लिए भी अवसर प्रदान किए जाएँगे, जिससे शैक्षणिक अनुसंधान और उनके कार्यान्वयन के बीच की दूरी को कम किया जा सके। यह साझेदारी आईआईटी रुड़की के स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर भी सुलभ कराएगी, जिससे उन्हें बड़े पैमाने की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और परिचालित परिवहन प्रणालियों का प्रत्यक्ष अनुभव मिल सकेगा।

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