तेहरान , फरवरी 12 -- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के हस्ताक्षरकर्ता के रूप में ईरान को यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है।
एक साक्षात्कार में श्री ग्रॉसी ने यह टिप्पणी की। उनकी यह टिप्पणी अमेरिका और ईरान द्वारा विवाद का राजनयिक समाधान खोजने के लिए ओमान में वार्ता करने के कुछ दिनों बाद आई है। हालांकि, बुधवार को आई खबरों में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प क्षेत्र में पहले से तैनात 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' युद्धपोत के अलावा एक और युद्धपोत भेजने की योजना बना रहे हैं।
ईरान की संवाद समिति मेहर के अनुसार, श्री ग्रॉसी ने कहा कि आईएईए निरीक्षक तीन प्रमुख संवर्धन स्थलों तक फिर से पहुँच प्राप्त करने के लिए महीनों से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जहाँ ग्रॉसी ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अधिकार सख्त सुरक्षा उपायों के अधीन हैं, वहीं उन्होंने इन अधिकारों को स्वीकार भी किया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान द्वारा अपने क्षतिग्रस्त परमाणु स्थलों के निरीक्षण की अनुमति देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
आईएईए महानिदेशक ने हालांकि रेखांकित किया कि ईरान अपनी पारदर्शिता और आईएईए पहुँच संबंधी दायित्वों को पूरा करने में विफल रहते हुए एनपीटी अधिकारों का दावा नहीं कर सकता।
श्री ग्रॉसी का कहना है कि ईरान ने आईएईए निरीक्षकों को उन परमाणु सुविधाओं का दौरा करने की अनुमति दी जो जून 2025 में इजरायली हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त नहीं हुई थीं, लेकिन क्षतिग्रस्त स्थलों के निरीक्षण की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का भंडार इन क्षतिग्रस्त स्थलों पर हो सकता है।
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को कहा कि ईरान यह गारंटी देने के लिए तैयार है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। लेकिन दूसरे पक्ष (अमेरिका) को बिजली उत्पादन, दवा उत्पादन, कृषि और अन्य उपयोगों के लिए शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के ईरान के अधिकार की गारंटी देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्षों में सद्भावना हो, तो ऐसे आश्वासन 'व्यवहार्य और प्राप्त करने योग्य' हैं।
श्री अराघची ने परमाणु कार्यक्रम की शांतिपूर्ण प्रकृति पर ईरान के रुख को दोहराते हुए कहा, "संवर्धन शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और रहेगा। हमें विश्वास बहाली में कोई समस्या नहीं है। लेकिन हम शून्य (यूरेनियम) संवर्धन को स्वीकार नहीं करेंगे।"ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश एनपीटी और उसके सुरक्षा समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है, जबकि आईएईए के साथ जुड़ाव घरेलू कानून के दायरे में किया जा रहा है।
ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने सोमवार को कहा कि यदि देश पर लगे सभी प्रतिबंध हटा लिए जाते हैं, तो ईरान 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम के 'डाइल्यूशन' पर विचार करेगा। उन्होंने कहा, "यह मामला इस बात पर निर्भर करता है कि बदले में सभी प्रतिबंध हटाए जाते हैं या नहीं।
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