नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को यहां विज्ञान भवन में "पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्वत (सीएसआर) की भूमिका" को लेकर एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन द्वारा आयोजित कॉर्पोरेट सीएसआर कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे।

यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के दूरदर्शी विजन और श्री शाह के सशक्त नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को जनकल्याण और सामाजिक विकास से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत है।

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज), केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी (महिला एवं बाल विकास), माननीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर (सहकारिता), राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल (सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन), राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल (मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज), राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन (मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य), डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नरेश पाल गंगवार, सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार, अनिल मलिक, सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, एनडीडीबी तथा अन्य विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सम्मेलन में श्री शाह सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र, छत्तीसगढ़ के सीएसआर के अंतर्गत गिफ्टमिल्क कार्यक्रम के तृतीय चरण का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत भिलाई इस्पात संयंत्र के खनन क्षेत्रों में स्थित सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 4,000 बच्चों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विटामिन ए और डी से फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध की आपूर्ति एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के माध्यम से की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, श्री शाह आईडीबीआई बैंक की सीएसआर पहल के अंतर्गत शिशु संजीवनी कार्यक्रम का भी शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र के नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत लगभग 3,000 बच्चों को पोषण सहायता प्रदान करेगा। शिशु संजीवनी एनडीडीबी द्वारा विकसित एक ऊर्जा-सघन, अर्ध-ठोस, रेडी-टू-ईट फोर्टिफाइड पोषण पूरक है, जिसका निर्माण महाराष्ट्र के भंडारा जिले में स्थित भंडारा मिल्क यूनियन द्वारा किया जाएगा।

यह राष्ट्रीय कॉन्क्लेव भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों/पीएसयू के अध्यक्षों एवं सीईओ, डेयरी सहकारी संस्थाओं, प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों तथा लाभार्थी संस्थानों (विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों) के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। कॉन्क्लेव का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण से निपटने हेतु सहयोगात्मक, नवोन्मेषी एवं सतत रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है।

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