नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- नयी दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष केशव चंद्र ने बुधवार को 2026-27 के लिए सालाना बजट पेश किया, जिसमें 143.05 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष रहने का अनुमान है।
वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान 5,953.07 करोड़ रुपये है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमानों में यह 5,689.27 करोड़ रुपये था। कुल खर्च का अनुमान 5,810.02 करोड़ रुपये है। एनडीएमसी को 2026-27 में संपत्ति कर के रूप में 1,290 करोड़ रुपये संग्रह होने की उम्मीद है।
एनडीएमसी ने प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर मशीनीकृत सफाई, वैक्यूम-आधारित धूल नियंत्रण, मिस्ट स्प्रे सिस्टम का उपयोग और रणनीतिक स्थानों पर एंटी-स्मॉग गन का विस्तार करेगा। हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावाकी जंगल विकसित किये जाएंगे, जबकि रात में विजिबिलिटी बेहतर बनाने और बिजली का उपयोग कम करने के लिए चुनिंदा सड़कों पर सोलर-चार्ज लगाया जाएगा।
एनडीएमसी क्षेत्र को जलभराव मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक ड्रेनेज मास्टर प्लान भी तैयार किया जा रहा है। परिषद ने सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर सीसीटीवी सर्विलांस के विस्तार की घोषणा की है, जिसमें 2,000 से ज़्यादा अतिरिक्त कैमरे लगाने की योजना है। सार्वजनिक शौचालय को इको-फ्रेंडली डिज़ाइन के साथ अपग्रेड किया जाएगा और महिलाओं के लिए ज़्यादा 'स्मार्ट पिंक टॉयलेट' बनाने का प्रस्ताव है।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में, एनडीएमसी अपने स्कूलों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( एआई)-आधारित लर्निंग पहल, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेशलाइज्ड कोचिंग के साथ मज़बूत करेगा। स्कूलों और पब्लिक मार्केट में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की भी योजना है, साथ ही एनडीएमसी इलाकों में 'नाइट बाज़ार' शुरू किया जाएगा।
एनडीएमसी ने कर्मचारियों के कल्याण को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाये हैं, जिसमें लंबित वेतन और पेंशन मामलों का तेज़ी से निपटारा, प्रमोशन, ट्रेनिंग प्रोग्राम और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को मेडिकल सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
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