नासिक , जनवरी 6 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने समृद्धि महामार्ग से जुड़ने वाली सड़क के निर्माण के लिए ब्रिटिश काल के पुराने बरगद के पेड़ों की कटाई की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अंतरिम आदेश जारी कर पूरे नासिक जिले में बिना अनुमति और बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किये पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी है।

इससे पहले अधिकरण ने तपोवन में पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगा दी थी। कुंभ मेले से जुड़े कामों के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा फिलहाल चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। पिछले महीने यह सामने आया था कि वडिवरहे इलाके में नंदुरवैद्य फाटा (वीटीसी फाटा) से एसएनबीटी कॉलेज रोड पर सैकड़ों साल पुराने बरगद के पेड़ काटे जा रहे हैं।

समृद्धि महामार्ग से जुड़ने वाली सड़क पर पेड़ काटे जाने की सूचना मिलने पर पर्यावरणविद् अश्विनी भट मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ काटने का विरोध किया। इसके बाद भी जब प्रयास किया गया तो गौरव देशमुख, रोहन देशपांडे और अन्य पर्यावरणविदों ने भी हस्तक्षेप कर पेड़ों की कटाई रोक दी।

उस समय पर्यावरणविदों को संबंधित अधिकारियों का एक पत्र दिखाया गया था, जिसमें हादसों के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले पेड़ों और टहनियों को काटने के लिए 30 दिन का विस्तार दिया गया था। जब यह बताया गया कि पत्र की समय-सीमा समाप्त हो गयी है तो मजदूर वहां से चले गये।

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