कानपुर , जनवरी 12 -- कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने गैर सरकारी संगठनो (एनजीओ) संचालकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की विदेशी फंडिंग अथवा अन्य स्रोतों से प्राप्त आर्थिक सहायता को विधिवत जांच-पड़ताल के उपरांत ही स्वीकार करें।

एनजीओ संचालकों के साथ सोमवार को एक समन्वय बैठक में श्री लाल ने कहा कि एनजीओ संचालक किसी भी प्रकार की विदेशी फंडिंग अथवा अन्य स्रोतों से प्राप्त आर्थिक सहायता को विधिवत जांच-पड़ताल के उपरांत ही स्वीकार करें तथा उसका उपयोग केवल एनजीओ के निर्धारित उद्देश्यों एवं कार्यक्षेत्र के अंतर्गत, शासन के दिशा-निर्देशों एवं कानून के अनुरूप ही करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों जैसे धर्मान्तरण आदि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्तता से पूर्णतः बचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं। बैठक में साक्षी फाउंडेशन, एससीपीए,ह्यूमन हेल्प फाउंडेशन,रिज़वान फाउंडेशन,यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ग्रुप और कानपुर हिन्दू अनाथालय के प्रतिनिधियों ने पुलिस आयुक्त को अपनी समस्यायों की जानकारी दी। उनका कहना था कि शहर के विभिन्न स्थानों पर पशुओं के लिए पानी एवं भोजन के लिये पात्र रखे जाते हैं, जिन्हें कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है। उन्होंने इन पात्रों की सुरक्षा के लिये उचित प्रबंध कराने का अनुरोध किया।

अनाथ बालक एवं बालिकाओं के संरक्षण से जुड़े एनजीओ के प्रतिनिधियों द्वारा अनुरोध किया गया कि उनके संस्थानों में रह रहे निराश्रित बच्चों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिये पुलिस द्वारा समय-समय पर उनके अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए तथा आवश्यकतानुसार भ्रमण एवं संवाद किया जाए। महिलाओं के अधिकारों से जुड़े एनजीओ के प्रतिनिधियों ने महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मिशन शक्ति केन्द्रों एवं स्थानीय पुलिस को सहयोग हेतु निर्देशित करने का अनुरोध किया, जिससे पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता मिल सके।

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