नयी दिल्ली , नवंबर 13 -- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में यूनीक ट्रेडिंग अकाउंट्स की संख्या अब 24 करोड़ से ज्यादा हो गयी है जो अपने-आप में एक कीर्तिमान है।

एनएसई ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उसने इस साल नवंबर में 24 करोड़ ट्रेडिंग अकाउंट्स के आंकड़े को पार किया है। पिछले साल अक्टूबर में यह संख्या 20 करोड़ पर पहुंची थी। महज एक साल में शेयर बाजार ने 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह उपलब्धि हासिल की है।

यूनीक रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 22 सितंबर 2025 को 12 करोड़ पर पहुंची थी और 31 अक्टूबर 2025 तक 12.2 करोड़ थी।

उल्लेखनीय है कि निवेशक अलग-अलग ब्रोकर्स के साथ अपने अकाउंट्स रख सकते हैं। इस प्रकार एक ही व्यक्ति के कई क्लाइंट कोड हो सकते हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि महाराष्ट्र चार करोड़ निवेशक अकाउंट्स (17 प्रतिशत) के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (2.7 करोड़, 11 प्रतिशत), गुजरात (2.1 करोड़, नौ प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (1.4 करोड़, छह प्रतिशत) और राजस्थान (1.4 करोड़, छह प्रतिशत) का स्थान आता है। शीर्ष पांच राज्यों के पास कुल निवेशक अकाउंट्स का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि शीर्ष 10 राज्यों की बात करें तो यह आंकड़ा 73 प्रतिशत से भी अधिक है।

एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा, "भारतीय शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई मजबूत कदम उठाये गये हैं, जैसे - मोबाइल ट्रेडिंग को आसान बनाना, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रक्रिया को सरल करना और निवेशकों की जागरूकता बढ़ाना। इन कदमों ने बदलते वैश्विक व्यापार और तेजी से बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी निवेशकों की लगातार भागीदारी को सुनिश्चित की है और छोटे तथा मझौले शहरों के निवेशकों के लिए बाजार तक पहुंच को आसान बनाया है।"एनएसई ने बताया कि कोविड-19 के बाद घरेलू इक्विटी बाजारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। इस साल 30 सितंबर तक एनएसई में सूचीबद्ध कंपनियों में व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी 18.75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले 22 वर्षों में सबसे अधिक है। इनमें सीधे निवेश करने वाले और म्यूचुअल फंड के माध्यम से निवेश करने वाले, दोनों तरह के निवेशक शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में निफ्टी-50 और निफ्टी-500 सूचकांकों ने क्रमशः 15 प्रतिशत और 18 प्रतिशत का औसत सालाना रिटर्न दिया है।

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