पटना , जनवरी 16 -- पटना के प्रमंडलीय आयुक्त और नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिमेष कुमार पराशर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि ओपीडी में उपचार कराने वाले मरीजों की वार्षिक संख्या 6.28 लाख से बढ़ाकर 12.57 लाख करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाये।
प्रमंडलीय आयुक्त श्री पराशर ने शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित एनएमसीएच रोगी कल्याण समिति की शासी निकाय बैठक में ये बातें कहीं।
आयुक्त श्री पराशर ने मरीजों के पंजीकरण, भर्ती, दवा वितरण, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसी सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ सकें।
उन्होंने एनएमसीएच की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुये कहा कि यहां मरीजों के इलाज की अच्छी व्यवस्था है। ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीजों का इलाज किया जाता है। वर्ष 2025 में 6.28 लाख से अधिक ओपीडी, 47,945 इंडोर मरीजों का उपचार, 8,655 मेजर और 8,799 माइनर ऑपरेशन किये गये। इसके अलावा 81,591 यूएसजी, 1.02 लाख से अधिक एक्स-रे, 14,593 सीटी स्कैन और 5,849 एमआरआई जांचें की गईं है।
बैठक में अस्पताल परिसर में अवैध अतिक्रमण पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। इस पर आयुक्त ने पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी को अवैध कब्जा हटाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीसीटीवी से निगरानी, पेयजल और शौचालय की बेहतर व्यवस्था, स्थायी एटीएम की स्थापना और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये।
आयुक्त ने बायोमेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निष्पादन, मानक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति के लिये विभाग से पत्राचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवायें किसी भी व्यवस्था की रीढ़ हैं और मरीज- केंद्रित सेवा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
बैठक में एनएमसीएच के अधीक्षक और प्राचार्य, स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्रीय अपर निदेशक, बीएमएसआईसीएल के उप- महाप्रबंधक, रोगी कल्याण समिति के सदस्य और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित