नयी दिल्ली , फरवरी 14 -- सरकार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 160ए के घोटी-त्रिंबक (मोखाड़ा)-जॉहर-मनोर-पालघर खंड पर 154 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क के उन्नयन तथा पुनर्वास कार्य को मंजूरी दी है।
सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कल हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। पालघर खंड को 2 लेन से 4 लेन में परिवर्तित किया जा रहा है, जिसमें पक्की शोल्डर सुविधा भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस खंड पर जिस सड़क का निर्माण होना है उसकी लंबाई 154.635 किलो मीटर है और इस पर कुल 3,320.38 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है। परियोजना का निर्माण इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मोड पर किया जाना है।
श्री वैष्णव के अनुसार नासिक के पश्चिम का इलाका और खासकर अंबड और सतपुर क्षेत्र, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम द्वारा विकसित औद्योगिक इकाइयों का एक सघन समूह है। इस इलाके में माल ढुलाई का काफी आवागमन होता है। वर्तमान में, यह यातायात एनएच-848 के माध्यम से नासिक शहर से होकर गुजरता है, जिससे शहरी सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है इसलिए इस परियोजना का क्षेत्र के लिए विशेष महत्व है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार त्रिमबक से मनोर और पालघर में पश्चिम की ओर जाने वाला एनएच- 160ए का यह खंड एनएच-160ए को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (एनई-4), एनएच-48 और आगे पश्चिमी तटीय क्षेत्र के साथ-साथ पालघर जिले के आदिवासी क्षेत्रों से जोड़ता है। हालांकि इस मार्ग पर वर्तमान में 4,500 पीसीयू यातायात है, लेकिन मौजूदा मध्यवर्ती लेन को दो लेन में पक्के शोल्डर के साथ विकसित करने से माल और यात्री यातायात दोनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, मनोर से पालघर तक का मार्ग शहरी निर्मित क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां लगभग 12,000 पीसीयू यातायात होता है। इस शहरी खंड में सुगम यातायात के लिए इसे चार लेन में अपग्रेड करने का प्रस्ताव है।
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