नयी दिल्ली , जनवरी 06 -- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के दूरस्थ और ग्रामीण खंडों में मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं रहती है जिसके कारण यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना आदि के समय बड़ा संकट पैदा हो जाता है इसलिए इन क्षेत्रों में भी बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
प्राधिकरण ने इसके लिए दूरसंचार विभाग तथा दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से आग्रह करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के कई हिस्सों, विशेष रूप से ग्रीनफील्ड और दूरदराज के खंडों पर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की अनुपलब्धता होती है इसलिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इन इलाकों में भी पर्याप्त सेवा उपलब्ध कराने के उचित निर्देश दिए जाने चाहिए।
एनएचएआई ने सार्वजनिक सुरक्षा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि देश भर में राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों पर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी में सुधार लाने के लिए त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने की आवश्यकता है। प्राधिकरण का कहना है कि उसने मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से दूर 424 स्थानों की पहचान की है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 1,750 किलोमीटर की दूरी का क्षेत्र मोबाइल नेटवर्क की अनुपलब्धता से गंभीर रूप से प्रभावित है। इन सभी स्थानों के संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित कर उसे दूरसंचार विभाग और ट्राई के साथ औपचारिक रूप से साझा किया गया है।
एनएचएआई का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, इन क्षेत्रों में भरोसेमंद मोबाइल नेटवर्क कवरेज का संचालन आवश्यक है क्योंकि इसकी गैरमौजूदगी से आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
प्राधिकरण ने ट्राई से यह भी अनुरोध किया है कि वह भू-मैप किए गए दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर सक्रिय एसएमएस या फ्लैश एसएमएस अलर्ट के प्रसार के लिए दूरसंचार ऑपरेटरों को आवश्यक निर्देश दे। आवारा मवेशियों से अक्सर प्रभावित होने वाले दुर्घटना-संभावित हिस्सों की एक सूची भी ट्राई के साथ साझा की गई है।
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