नयी दिल्ली , फरवरी 09 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस साल जनवरी के पहले दो हफ़्तों में दिल्ली से 807 लोगों के लापता होने की घटना का स्वत: संज्ञान लेकर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने सोमवार को बताया कि आयोग ने दिल्ली से 807 लोगों के लापता होने की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। लापता होने बालों में 191 नाबालिग और 616 वयस्क शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के डेटा के अनुसार अब तक सिर्फ़ 235 लापता व्यक्तियों का पता चला है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता हैं।
आयोग ने पाया है कि यदि रिपोर्ट सत्य हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने कहा कि पाँच फरवरी को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में दिल्ली में कुल 24,508 लोग लापता हुए थे। इनमें से साठ प्रतिशत महिलाएं थीं। पुलिस 15,421 लापता लोगों का पता लगाने में सफल रही, जबकि 9,087 मामले अब भी अनसुलझे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 से हर साल 5,000 से अधिक किशोर, जिनमें लगभग 3500 लड़कियां शामिल हैं, लापता हो रहे हैं।
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