शिलांग , अप्रैल 23 -- आठ पूर्वोत्तर राज्यों की एक क्षेत्रीय योजना संस्था पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए कुल 1,496.78 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया है।

अधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को जानकारी दी कि यह व्यय क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, संपर्क और प्रमुख विकास परियोजनाओं में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सूत्रों ने बताया कि इस खर्च में एनईसी की योजनाओं के तहत 792.12 करोड़ रुपये और पूर्वोत्तर विशेष बुनियादी ढांचा विकास योजना-सड़कें के तहत 704.66 करोड़ रुपये शामिल हैं।

एनईसी ने 2025-26 के दौरान 54 नई परियोजनाओं (जो उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, उद्योगों, कृषि और बागवानी क्षेत्र, पर्यटन विकास, आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण परियोजनाओं आदि से संबंधित हैं) को मंजूरी दी, जिनकी व्यय राशि 435.22 करोड़ रुपये थी। यह मौजूदा 15वें वित्त आयोग चक्र में किसी एक वर्ष में मंजूर की गई परियोजनाओं की सबसे अधिक संख्या है।

इसके अलावा 162 गैर-परियोजना गतिविधियों (जैसे सांस्कृतिक उत्सव, अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय/क्षेत्रीय सेमिनार, कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम आदि) के लिए भी 24.06 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। एनईसी के अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही वर्ष के लिए कुल नई मंजूरियों का आंकड़ा 459.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

अधिकारी ने बताया कि 2025-26 में 678.85 करोड़ रुपये मूल्य की 136 परियोजनाएं पूरी की गईं। यह मौजूदा वित्त आयोग चक्र में परियोजनाओं के वार्षिक समापन का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित