नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के उत्तरी ब्यूरो को फिर से ज़िंदा करने की कोशिश के मामले में तीसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के रहने वाले प्रियांशु कश्यप उर्फ राकेश उर्फ नीलेश पर एनआईए द्वारा दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में यूए(पी) एक्ट की धारा 13, 18, 20, 38 और 39 के तहत आरोप लगाए गए हैं। एंटी-टेरर एजेंसी ने पहले इस मामले में पिछले साल फरवरी और नवंबर में दो अन्य लोगों, अजय सिंघल और विशाल सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
यह मामला भाकपा (माओवादी) के विभिन्न नेताओं, कैडरों और समर्थकों/कार्यकर्ताओं द्वारा एनआरबी में आतंकवादी संगठन के कमजोर प्रभाव को फिर से मज़बूत करने की कोशिशों से जुड़ा है, जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश राज्य शामिल हैं।
प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) आतंकवादी संगठन का एक सक्रिय सदस्य प्रियांशु दिल्ली में संगठन की क्षेत्रीय सेल समिति और रोहतक में उप-खंड समिति का प्रभारी था। जुलाई 2025 में गिरफ्तार किये गये प्रियांशु को एनआईए ने भाकपा (माओवादी) के लिए वैचारिक शिक्षा, भर्ती और लामबंदी में शामिल पाया। वह प्रतिबंधित संगठन के लिये फ्रंट संगठनों को फिर से ज़िंदा करने और प्रतिबंधित सामग्री फैलाने में भी शामिल था।
एनआईए की जांच में पता चला कि प्रियांशु ने अपनी भूमिगत गतिविधियां झूठी पहचान का इस्तेमाल करके, गुप्त तरीकों से की थीं। उसके पास से भाकपा (माओवादी) के विभिन्न आपत्तिजनक भूमिगत और ऑपरेशनल दस्तावेज मिले, जिसके बाद उसके खिलाफ आरोप दायर किए गए।
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