शिलांग , नवंबर 13 -- राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को अल-कायदा गुजरात आतंकी साजिश मामले में राष्ट्रव्यापी आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स जिले में छापेमारी की।

एनआईए की टीमों ने मेघालय के अलावा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, हरियाणा और गुजरात में कई संदिग्धों और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली। इस अभियान के दौरान डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए, जिन्हें फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जा रहा है।

अधिकारिक सूत्रों ने यूनीवार्ता को बताया, "एनआईए के अधिकारियों ने अपने राष्ट्रव्यापी आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत दक्षिण गारो हिल्स के बाघमारा, महेशखोला, रोंगरा और महादेव इलाकों का दौरा किया। इसमें अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।"सूत्रों ने आतंकवाद-रोधी जाँच के बारे में और जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, "भारत और विदेशों में आतंकवादी समूह की गतिविधियों से जुड़े व्यापक नेटवर्क, संपर्कों और वित्तपोषण का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।"एनआईए ने अल-कायदा गुजरात आतंकवाद मामले को जून 2023 में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था। अब तक की जाँच से पता चला है कि मोहम्मद सोजिबमियाँ, मुन्ना खालिद अंसारी उर्फ मुन्ना खान, अजरुल इस्लाम उर्फ जहाँगीर उर्फ आकाश खान और अब्दुल लतीफ़ उर्फ मोमिनुल अंसारी के रूप में पहचाने गए चार बंगलादेशी नागरिक जाली पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके अवैध रूप से भारत में घुस आए थे।

आरोपी बंगलादेश में अल-कायदा के गुर्गों के लिए धन इकट्ठा करने और उन्हें हस्तांतरित करने और मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में शामिल थे। उल्लेखनीय है कि मेघालय का ज़िला साउथ गारो हिल्स, बंगलादेशी के मेमनसिंह संभाग के साथ सीमा साझा करता है। एनआईए ने 10 नवंबर, 2023 को अहमदाबाद स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पाँच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

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