चंडीगढ़ , दिसंबर 04 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने गुरुवार को उत्तर भारत में सक्रिय अवैध हथियार और गोला-बारूद तस्करी नेटवर्क की चल रही जांच के तहत कई राज्यों में व्यापक खोज अभियान चलाया।
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में 22 स्थानों पर समन्वित छापेमारी की गयी।
यह कार्रवाई उस बड़े नेटवर्क से जुड़ी मानी जा रही है, जो उत्तर प्रदेश से अवैध गोला-बारूद को बिहार के विभिन्न जिलों तक पहुंचाने में शामिल रहा है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह आपूर्ति श्रृंखला ऐसे तत्वों तक हथियार पहुंचा सकती थी, जिनके उग्रवादी समूहों से जुड़े होने की आशंका है। एनआईए की टीमों ने उन कई ठिकानों पर तलाशी ली, जो पिछले कुछ महीनों से एजेंसी की निगरानी में थे। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज़ और अन्य सामग्री एकत्र कर रही है, ताकि इस तस्करी मॉड्यूल की संरचना और इसके नेटवर्क के आकार का पता लगाया जा सके।
सूत्रों ने संकेत दिये हैं कि यह कार्रवाई उसी आतंकी साजिश मामले से जुड़ी है, जिसमें हाल ही में जांचकर्ताओं को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कम तीव्रता वाले विस्फोट से संबंधित अहम सुराग मिले थे। इन नये सुरागों के बाद एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या विस्फोट में शामिल लोग इस तस्करी गिरोह से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और लंबे समय से केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। एनआईए का कहना है कि ये छापेमारियां एक मौजूदा एफआईआर के तहत चल रही जांच में मिले नये खुफिया इनपुट के आधार पर की गयी हैं।
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