श्रीनगर , अप्रैल 08 -- जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर की एक विशेष अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों और एक स्थानीय निवासी को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने पाकिस्तान निवासी दोनों आतंकवादी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और खुबैब उर्फ उस्मान भाई और उनके साथ दानहामा के निवासी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा को मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (टाडा/पोटा) की अदालत में पेश किया गया। इस अदालत को एनआईए अधिनियम के तहत एक विशेष अदालत के रूप में नामित किया गया है।
अदालत के आदेश के अनुसार आरोपियों को छह अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी ज़कूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में हुई थी, जिसमें गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराएं , शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम शामिल हैं।
न्यायालय ने हिरासत आवेदन और केस डायरी की जांच करने के बाद कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप "प्रकृति में गंभीर और संवेदनशील" हैं, और वे ऐसी गतिविधियों से जुड़े हैं जो "भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता" के लिए खतरा पैदा करती हैं।
न्यायालय ने इन्हीं आधारों पर पुलिस को आगे की जांच के लिए आरोपियों को हिरासत में लेने की अनुमति दे दी।
अदालत ने कहा कि आरोपियों को सात अप्रैल से 16 अप्रैल (10 दिनों) के लिए पुलिस हिरासत में रखा जाए और जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हर 48 घंटे में उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया जाए। आरोपियों को हिरासत की अवधि के दौरान कानूनी वकील रखने के उनके अधिकार के बारे में भी सूचित किया गया।
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