पटना , नवंबर 04 -- एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में अपराध से जुड़ी पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों की संख्या चिंताजनक है।

जारी रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण के 122 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे 1297 उम्मीदवारों में से 415 (32 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इनमें से 341 प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट बताती है कि 19 उम्मीदवारों पर हत्या, 79 पर हत्या के प्रयास और 52 प्रत्याशियों पर महिलाओं व अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अत्याचार से संबंधित मामले दर्ज हैं। विशेष रूप से दो निर्दलीय और प्रिज्म पार्टी के एक उम्मीदवार पर बलात्कार के मामले भी दर्ज हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक़, लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों में अपराध से जुड़े मामले पाये गये हैं। इनमें जन सुराज पार्टी के 117 में से 58 (50 प्रतिशत), बहुजन समाज पार्टी के 91 में से 17 (19 प्रतिशत), राष्ट्रीय जनता दल के 70 में 38 (54 प्रतिशत), भारतीय जनता पार्टी के 53 में 30 (57 प्रतिशत), जनता दल यूनाइटेड के 44 में 14 (32 प्रतिशत), आम आदमी पार्टी के 39 में 12 (31 प्रतिशत), कांग्रेस के 37 में 25 (68 प्रतिशत), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 15 में 9 (60 प्रतिशत), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) के 6 में 5 (83 प्रतिशत), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 4 में 2 (50 प्रतिशत) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 1 प्रत्याशी (100 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

एडीआर ने बताया है कि दूसरे चरण के कुल 1302 प्रत्याशियों में से 1297 के शपथ- पत्रों का विश्लेषण किया गया। पांच प्रत्याशियों के शपथ- पत्र अस्पष्ट या अधूरे होने के कारण उनका मूल्यांकन शामिल नहीं किया गया है।

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