पटना , फरवरी 03 -- बिहार विधानसभा चुनाव के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच ने 243 में से 240 नवनिर्वाचित विधायकों के चुनाव खर्च का विश्लेषण किया, जिसमें यह पाया गया है कि बड़ी संख्या में विधायकों ने तय खर्च सीमा से काफी कम खर्च दिखाया है।
एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण किये गये 240 विधायकों में से 100 विधायकों यानी करीब 42 प्रतिशत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव खर्च सीमा के 61 प्रतिशत से भी कम खर्च घोषित किया है। बिहार विधानसभा चुनाव में विधायकों के लिये अधिकतम चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित थी, जबकि सभी विधायकों का औसत घोषित खर्च 24.33 लाख रुपये रहा, जो कुल खर्च सीमा का मात्र 61 प्रतिशत है।
दलवार औसत चुनाव खर्च की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 88 विधायकों का औसत खर्च 27.36 लाख रुपये (68.4 प्रतिशत) रहा। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के 84 विधायकों ने औसतन 25.53 लाख रुपये (63.8 प्रतिशत) खर्च घोषित किया।
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 24 विधायकों का औसत खर्च 19.57 लाख रुपये (48.9 प्रतिशत) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19 विधायकों का औसत खर्च 19.60 लाख रुपये (49 प्रतिशत) रहा। कांग्रेस के 6 विधायकों ने औसतन 13 लाख रुपये (32.5 प्रतिशत) खर्च दिखाया, जो सभी दलों में सबसे कम है। इसके अलावा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के 5 विधायकों का औसत खर्च 16.89 लाख रुपये, एआईएमआईएम के 5 विधायकों का 17.37 लाख रुपये, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 विधायकों का 24.84 लाख रुपये और भाकपा (माले) के 2 विधायकों का औसत खर्च 17.05 लाख रुपये दर्ज किया गया।
एक- एक विधायक वाली पार्टियों में माकपा विधायक का खर्च 21.39 लाख रुपये, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के विधायक का 23.74 लाख रुपये और बसपा विधायक का 18.34 लाख रुपये रहा।
सबसे अधिक चुनाव खर्च करने वाले विधायकों में उजियारपुर से राजद विधायक अशोक कुमार मेहता पहले स्थान पर रहे, जिन्होंने 36,54,880 रुपये खर्च किये। दूसरे स्थान पर संदेश से जदयू विधायक राधा चरण साह (36,12,954 रुपये) और तीसरे स्थान पर सिकटा से जदयू विधायक समृद्ध वर्मा (35,87,522 रुपये) रहे।
वहीं, सबसे कम खर्च दिखाने वाले विधायकों में सुरसंड से जदयू विधायक प्रो. नागेंद्र राउत पहले स्थान पर रहे, जिन्होंने मात्र 79,470 रुपये खर्च घोषित किये हैं। कोचाधामन से एआईएमआईएम विधायक मो. सरवर आलम ने 6,86,375 रुपये और बख्तियारपुर से लोजपा (रा) विधायक अरुण कुमार ने 7,65,178 रुपये खर्च दिखाया है।
रिपोर्ट में बताया गया कि तीन विधायकों के खर्च विवरणों का विश्लेषण नहीं किया जा सका है, क्योंकि उनके दस्तावेज या तो सही ढंग से स्कैन नहीं थे या मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की वेबसाइट पर पूर्ण रूप से अपलोड नहीं किये गये थे।
इनमें खजौली से भाजपा विधायक अरुण शंकर प्रसाद, गरखा (सुरक्षित) से राजद विधायक सुरेंद्र राम और जमालपुर से जदयू विधायक नचिकेता शामिल हैं।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनाव खर्च का विवरण जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपना अनिवार्य है। इन खर्च विवरणों में सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रचार, कार्यकर्ताओं पर खर्च, वाहन, वर्चुअल प्रचार, आपराधिक मामलों की घोषणा से जुड़े प्रकाशन और प्रचार सामग्री पर खर्च शामिल हैं।
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