अमृतसर , फरवरी 10 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई याचिका को दिल्ली सरकार की ओर से दोबारा खारिज किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे सिखों के साथ अन्याय बताया है।

एडवोकेट धामी ने मंगलवार को कहा कि इससे पहले आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान भी प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई याचिका को सजा समीक्षा बोर्ड ने कई बार खारिज किया था और अब भाजपा सरकार भी उसी राह पर चलते हुए सिख भावनाओं के खिलाफ फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि सजा समीक्षा बोर्ड ने कई कैदियों की सजा कम करने की सिफारिश की है, जबकि 33 साल से सजा काट रहे प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर का मामला खारिज कर दिया गया है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जिससे सिख जगत में निराशा फैल रही है।

एडवोकेट धामी ने कहा कि एक तरफ भाजपा सिख विरोधी होने का दावा करती है, लेकिन सिखों से जुड़े मामलों में सरकार का रवैया उसका दोहरा चेहरा उजागर करता है। उन्होंने कहा कि सिखों ने देश के लिए हमेशा महान बलिदान दिए हैं, लेकिन सरकारों का सिखों के प्रति नकारात्मक रवैया हमेशा निराशाजनक रहा है। एसजीपीसी अध्यक्ष ने सरकार से प्रोफेसर देविंदरपाल सिंह भुल्लर के मामले में न्याय करने और उनकी तत्काल रिहाई का आदेश देने की अपील की, जिन्होंने अपनी सजा से अधिक समय जेल में बिताया है।

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