अमृतसर , जनवरी 21 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बुधवार को जालंधर के माहला गांव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के घोर अपमान की कड़ी निंदा करते हुए इसे पंजाब सरकार की कानून व्यवस्था और राज्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने में विफलता बताया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं में लगातार वृद्धि चिंता का विषय है। राज्य की मौजूदा सरकार इन्हें रोकने में विफल रही है और अधिकांश घटनाओं में सामने आए अपराधियों के खिलाफ कोई अनुकरणीय कार्रवाई करने में असमर्थ रही है, जो सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचने का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जालंधर के माहला गांव में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब को टुकड़े-टुकड़े करने की हालिया घटना सिख भावनाओं को सीधा ठेस पहुंचाती है। उन्होंने की यह घटना एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है, क्योंकि यहां गुरुद्वारा साहिब में लगे कैमरे भी बंद कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि सरकार इन अपवित्र घटनाओं पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दे रही है और ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
उन्हाेंने मांग की कि इस घटना के दोषियों और इसके पीछे काम करने वाली ताकतों को सामने लाया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार संगत की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं करती है, तो संगत को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही शिरोमणि कमेटी ने सदस्य रणजीत सिंह कहलों के नेतृत्व में गुरुद्वारा श्री मऊ साहिब और धर्म प्रचार कमेटी के अधिकारियों को भेजा है, जिन्हें सभी स्तरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा हालात में गुरुद्वारों में निगरानी सुनिश्चित करना गुरुद्वारा समितियों की बड़ी जिम्मेदारी है। सेवादारों को हर समय तैनात रखा जाना चाहिए और आवश्यकतानुसार कैमरों की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित