नयी दिल्ली , नवंबर 19 -- केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी की अध्यक्षता में इस्पात मंत्रालय 20 नवंबर से भुवनेश्वर में दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करेगा। इस शिविर में इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा और अन्य हितधारक भारत के इस्पात क्षेत्र की भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श करेंगे।
इस्पात मंत्रालय के इस शिविर को राष्ट्र निर्माण में घरेलू इस्पात क्षेत्र की भूमिका को मज़बूत करने हेतु गहन विचार-मंथन, सहयोग और रणनीतिक समन्वय के लिए एक मंच के रूप में देखा जा रहा है। शिविर में इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक, इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सीपीएसई के प्रमुख और इस्पात मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
शिविर के विषयगत सत्र नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डिजिटलीकरण सहित इस्पात क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के उपयोग पर केंद्रित होंगे। परिचालन उत्कृष्टता और उत्पादकता पर भी चर्चा होगी, जिससे वैल्यू चेन में दक्षता सुनिश्चित होगी। इसका उद्देश्य हितधारकों के दृष्टिकोण से एक रणनीतिक दृष्टिकोण विकसित करना है, जबकि आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इस्पात क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित