मुंबई , मार्च 19 -- देश के अग्रणी निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने बैंक के संचालन में अनैतिकता के आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी श्री चक्रवर्ती ने 17 मार्च 2026 को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दिया था। बैंक ने बुधवार देर रात शेयर बाजार को बताया कि उनका इस्तीफा 18 मार्च को दोपहर बाद तीन बजकर 17 मिनट पर प्राप्त हुआ।

बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक से स्वीकृति मिलने के बाद श्री केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति गुरुवार 19 मार्च से प्रभावी हो गयी है।

श्री चक्रवर्ती ने अपने त्यागपत्र में बैंक के संचालन के तौर-तरीकों पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने लिखा है, "पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और चलन देखे हैं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं रहे हैं। यही मेरे निर्णय (इस्तीफे) का आधार है।" उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके इस्तीफे का और "कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है"।

उनके कार्यकाल में बैंक के एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा है कि इस रणनीतिक पहल ने एचडीएफसी बैंक को देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बना दिया, हालांकि "इस विलय का लाभ अभी पूरी तरह साकार होना बाकी है"।

श्री चक्रवर्ती भारतीय प्रशासनिक सेवा से अप्रैल 2020 में सेवानिवृत्त हुए। उस समय वह वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव थे। वह मई 2021 में एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हुए थे। स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनका तीन साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मई 2024 में उन्हें दोबारा तीन साल के लिए स्वतंत्र निदेशक बनाया गया गया था।

इस्तीफे की बात समाने आने के बाद गुरुवार को बैंक का शेयर आज एक समय 8.42 प्रतिशत लुढ़ककर 772 रुपये पर आ गया था। वहां से उबर कर यह शेयर समाचार लिखे जाने के समय 4.26 प्रतिशत की गिरावट में 807 रुपये पर चल रहा था। बुधवार को बैंक का शेयर 842.95 रुपये पर बंद हुआ था।

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